नीयत नेक है, भारत एक है

Tuesday, December 22, 2009

राहुल गांधी का गुआवली दौरा, गरीबों से की बातचीत

कहते हैं कि देखे हुए चीज पर ही यकीन होता है। लेकिन झांसी के बबीना ब्लॉक के गुआवली गांव की गरीब महिला रेखादेवी के लिए ये किसी सुखद अनुभव से कम नहीं था जब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने उसके घर कदम रखा। राहुल गांधी को अपने घर आए देखकर उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं था। उसे तो पहले यकीन ही नहीं हुआ जब उसकी गरीबी का विज्ञापन करते उसकी झोपड़ी में राहुल गांधी ने प्रवेश किया। लेकिन राहुल गांधी को सामने पाकर मानो वो खुशी से झूम उठी। ये उसके लिए अकल्पनीय था, बिल्कुल किसी जादू सरीखा।

कांग्रेस महासचिव महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूहों की एक बैठक में भाग लेने के बाद रेखा देवी के घर गए थे। उसका घर गुआवली के कोनी पुरवा में है। उन्होने उसके और उसके परिवार वालों की समस्याओ के बारे में पूछा। रेखा देवी का पति द्वारका प्रसाद रैकवार हरियाणा में मजदूरी करता है और एक दिन पहले ही अपने गांव लौटा था।

400 परिवार वाले गुआवली गांव की आबादी 1443 है और इसके कोनी पुरवा में तकरीबन 70 परिवार हैं। गांव की आबादी में केवटों का वहुमत है जो बगल के ही बेतबा नदी में नाव चलाकर आजीविका का प्रवंध करता है।

और पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


Thursday, December 17, 2009

कांग्रेस अध्यक्ष ने की रायबरेली जिला सतर्कता और निगरानी कमेटी की अध्यक्षता 12 दिसंबर 2009

कैम्पः रायबरेली(यूपी)

दिनांकः 12 दिसंबर 2009

समयः 6 : 00 अपराह्न


कांग्रेस अध्यक्ष ने की रायबरेली जिला सतर्कता और निगरानी कमेटी की अध्यक्षता


अपने दो दिनों के रायबरेली दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र द्वारा चलाई जा रही विकास परियोजनाओं की प्रगति पर नाखुशी जाहिर की और इसके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए। जिला सतर्कता और निगरानी कमेटी की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने वकास कार्यों की कमजोर गुणवत्ता पर चिंता जाहिर की और इन्हे दूर करने की बात की।

और पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कांग्रेस अध्यक्ष ने दी ‘बाल कांग्रेस अध्यक्ष’ के माता-पिता को सांत्वना 11 दिसंबर 2009

कैम्पः रायबरेली(यूपी)

दिनांकः 11 दिसंबर 2009

समयः 4: 30 अपराह्न

कांग्रेस अध्यक्ष ने दी ‘बाल कांग्रेस अध्यक्ष’ के माता-पिता को सांत्वना

बाल कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक जयसवाल की पिछले महीने घर में लगी आग को बुझाने के चक्कर में जलने से मौत हो गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन, उसे बचाया नहीं जा सका। अभिषेक की मौत, बाल दिवस से ठीक तीन दिन पहले 11 नवंबर को हो गई।

और पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें